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हापुड़: रामा हॉस्पिटल का कारनामा, ऑपरेशन के बाद मरीज के पेट में छोड़ा रूमाल!

रियाज अहमद

हापुड़: वैसे तो डॉक्टरों को ‘धरती के भगवान’ का दर्जा दिया है लेकिन कुछ ऐसे भी डॉक्टर्स हैं जो इतनी लापरवाही बरतते हैं कि वह भगवान कम ‘शैतान’ ज्यादा लगते हैं। ऐसा ही कुछ हुआ है हापुड़ जिले में चल रहे निजी अस्पताल रामा मेडिकल कॉलेज में।

यहां एक महिला को पेट दर्द उठने के बाद उपचार हेतु भर्ती कराया जाता। डॉक्टरों द्वारा उसके पेट का ऑपरेशन किया जाता है। हद तो तब हो जाती है जब एक दर्द का इलाज करने के बाद डॉक्टर्स ‘दूसरे दर्द’ के रूप में पीड़िता के पेट में ब्लड साफ करने वाला छोटा रूमाल छोड़ देते हैं।

 

रामा हॉस्पिटल में ऐसे होता है इलाज!

दरअसल, यह पूरा वाकया चार साल पहले हुआ था। पीड़िता को प्रसव हेतु रामा अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उसका ऑपरेशन के जरिए प्रशव कराया जाता है और उपचार करने वाले डॉक्टर्स उसके पेट में ‘छोटा रूमाल’ छेड़ देते हैं। उसके बाद से महिला को अक्सर पेट दर्द की शिकायत रहने लगी। जब दर्द ज्यादा बढ़ा तो उसका सरस्वती मेडिकल कॉलेज में दोबारा ऑपरेशन किया गया। ऑपरेशन से पहले उसका अल्ट्रासाउंड कराया गया तो जो बात सामने आई वह हैरत भरी थी। महिला की आंतो में रूमाल लिपचा हुआ था। पीड़िता और पीड़िता के परिजनों ने अस्पताल में आप्रेशन के दौरान चिकित्सकों पर लापरवाही का आरोप लगाया है और साथ ही उच्चाधिकारियों से शिकायत की बात कह रहे है।

क्या कहना है पीड़िता और परिजनों का:

पिलखुवा कोतवाली क्षेत्र के मौहल्ला गढ़ी निवासी नियाज और उनकी पत्नी मीना का आरोप है कि हाइवे स्थित रामा मेडिकल कालेज में 26 फरवरी 2014 को डिलीवरी के लिए आप्रेशन हुआ था। आप्रेशन के दौरान चिकित्सकों की लापरवाही से ब्लड साफ करने का छोटा रूमाल पेट में ही छूट गया था। पीड़िता के पति का कहना है कि उसकी पत्नी पेट दर्द से जूझ रही थी पीडिता को हाइवे स्थित एक अन्य मेडिकल कॉलेज ले जाया गया जहां उसका तीन दिन पहले आप्रेशन किया गया तो आंतो में लिपटा हुआ छोटा रूमाल मिला है।

अब पूरी तरह स्वस्थ है महिला:

पीड़ित महिला का उपचार करने वाले सरस्वती मेडिकल कॉलेज के अधीक्षक डॉक्टर नरेन्द्र कुमार का कहना है कि महिला मीना पिछले काफी दिनों से पेट के दर्द से पीड़ित थी। उसका जब अल्ट्रासाउंड किया गया तो उसके आंतों में रूमाल चिपके होने की जानकारी सामने आई। इस रूमाल को ऑप्रेशन के समय ब्लड रोकने के लिए लगा दिया जाता है। ऑपरेशन के बाद इसे निकाल लिया जाता है लेकिन जिसने इनका ऑपरेशन किया था उस डॉ़क्टर ने इस रूमाल को नहीं निकाला और इसे महिला के पेट में ही छोड़ दिया था। फिलहाल, हमने रूमाल निकाल दिया है और महिला पूरी तरह से स्वस्थ है।