breaking news New

कुपोषण से मरने के कगार पर पहुंची अलशिफा को मिला नया जीवन

ओमपाल राणा
धौलाना। डॉक्टर भगवान का रूप होते हैं। फिर भी सरकारी अस्पतालों के चिकित्सकों पर अक्सर सवालिया निशान लगते रहते हैं, लेकिन  जिंदगी और मौत के बीच झूल रही पांच माह की अलाशिफा के लिए सरकारी अस्पताल के चिकित्सक भगवान ही साबित हुए हैं।

जी हां, धौलाना के गांव देहरा के बेहद गरीब परिवार में जन्मी बच्ची अलशिफा का जन्म से ही ऊपर का होठ नहीं था, जिससे वह दूध तक नहीं पी पा रही थी। इससे वह कुपोषित होकर मृत्यु के कगार पर थी, लेकिन अब राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम की टीम ने प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डा राकेश कुमार के आदेश पर बच्ची का आपरेशन अलीगढ़ में निशुल्क कराकर उसे नया जीवन दिया है। इसके लिए अलशिफा के माता पिता ने टीम का आभार जताया है।

देहरा निवासी साबिर की पत्नी ने पांच माह पूर्व एक बच्ची को जन्म दिया था, लेकिन उसका ऊपर का होठ नहीं था, जिससे वह मां का दूध तक नहीं पी सकती थी। धीरे धीरे वह कुपोषित हो चली। गरीब परिवार होने के कारण उसके माता पिता सर्जरी नहीं करा सकते थे। आरबीएसके टीम ने इस दर्द को समझा और स्माईल ट्रेंड नामक सामाजिक संस्था से संपर्क किया। संस्था का अलीगढ़ में अपना अस्पताल है। वहां पर इसी प्रकार का इलाज किया जाता है। वहां पर बच्ची का सफल आपरेशन किया गया। अब बच्ची को नया जीवन मिल गया है।

इसके लिए बच्ची के माता पिता ने सोमवार को अस्पताल पहुंचकर टीम में  शामिल पंकज तोमर, डा शादाब, डा प्रीति व माया देवी का आभार जताया और प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डा राकेश कुमार का विशेष आभार जताया है।

1 Comment

  • Sandeep Garg Reply

    May 15, 2018 at 7:19 pm

    बहुत अच्छा कार्य

Leave a Comment