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हाल-ए-स्कूल बस: भारी-भरकम फीस दे खड़े-खड़े आते-जाते हैं बच्चे

ओप्रकाश शर्मा
मोदीनगर।
स्कूल कालेजों में बच्चों की सुरक्षा भगवान भरोसे हैं। बिना मानकों के निजी वाहन बच्चों को ढो रहे हैं। शिक्षा विभाग अंजन बना हुआ है । इस संबंध में समाजसेवी संगठनों ने बुधवार को एसडीएम को ज्ञापन देकर ऐसे वाहनों की जांच की मांग की है।
बता दें, नगर के अधिकांश पब्लिक स्कूल कालेजों में बच्चों का घर से लाने व छोडऩे के लिए प्राइवेट वाहन लगे हैं। लेकिन स्कूल कालेज के नाम पर इन वाहनों की किसी प्रकार की जांच न होने के कारण ये वाहन बे-लगाम चल रहे हैं। मजे की बात यह है शिक्षा विभाग इस जिम्मेदारी से पूरी तरह से पल्ला झाड़ रहा है। इसके चलते तहसील क्षेत्र में कई घटनाएं भी हो चुकी हैं। गत वर्ष दुहाई में एक मिनी बस के पलटने से कई दर्जन बच्चे घायल हो गए थे। जांच में पता चला कि मिनी बस नाबालिग चला रहा था और उस पर ड्राइविंग लाइसेंस भी नहीं था।  और गत दिनों बनारस और दिल्ली में चालकों की लापरवाही के चलते कई स्कूली बच्चों का अपनी जान गंवानी पड़ी। स्कूल कालेजों में लगे वाहनों की मियाद भी खत्म हो चुकी है।
कई स्कूलों में तो खटारा वाहन बच्चों को ढो रहे हैंं, परंतु स्कूल प्रबंधन को इस बात की कोई चिंता नहीं है। इन्हीं बातों से सब बातों  से परेशान होकर युवा ब्रह्माण समाज के अध्यक्ष संजीव कौशिक के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने आज बुधवार को तहसील में एसडीएम पवन कुमार के एक ज्ञापन देकर स्कूल कालेजों में लग रहे निजी वाहनों की जांच कराकर बच्चों की सुरक्षा पुख्ता कराने की गुहार लगाई। एसडीएम ने जांच कराने का आश्वासन दिया है। वहीं खंड शिक्षाधिकारी कार्यालय कहना है कि यह कार्य ट्रैफिक पुलिस का है। इस प्रकार का जवाब देकर विभाग ने बच्चों की सुरक्षा की तरफ पल्ला झाड़ लिया।

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