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कृषि योग्य भूमि पर बसाई जा रहीं अवैध कॉलोनियां

प्रवीण बंसल
लोनी।
लोनी में सांठ-गांठ कर खेती योग्य जमीन पर बसाई जा रही कॉलोनियां स्थानीय प्रशासन के लिए सिरदर्द बन गई हैं। एक तो अवैध होने से यहां रह रहे लोगों के लिए आधारभूत सुविधाएं जुटाना गंभीर सवाल बन गया है, वहीं प्रशासन को राजस्व की हानि अलग हो रही है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने समय-समय पर इन अवैध कॉलोनियों के खिलाफ आवाज मुखर भी की, लेकिन ठोस कार्रवाई के अभाव में भू-माफियाओं के हौसले बुलंद हैं।

लोनी क्षेत्र में अवैध कॉलोनियों का गोरखधंधा तीन दशकों से चल रहा है। भू माफियाओं ने राजस्व विभाग से सांठ-गांठ कर विभिन्न नामों से सैकड़ों अवैध कॉलोनियां बसा दी हैं। इनके खिलाफ प्रशासनिक एवं शासन स्तर पर आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। आलम यह है कि हर रोज किसी न किसी नाम से प्रॉपर्टी डीलर कृषि योग्य भूमि पर प्लॉट काट कर बेच रहे हैं।

इस कारोबार में लगे अधिकांश प्रॉपर्टी डीलरों ने अपने कार्यालय दिल्ली में खोल रखे हैं। दिल्ली में आसमान छूती जमीनों की कीमतों को देखते हुए डीलर लोगों को सस्ती दरों पर अपना आशियाना बनाने की लुभावने सपने दिखाकर उन्हें अवैध कॉलोनियां बेच रहे हैं। जानकारी के अनुसार लोनी नगर पालिका व क्षेत्र की विभिन्न ग्राम पंचायतों की सैकड़ों बीघा भूमि भूमाफियाओं ने प्लॉट बेच कर अवैध कॉलोनियां बना दी हैं। इस भूमि को खाली कराना अब राजस्व विभाग के बस की भी बात नहीं रह गई है।

तुर्रा यह है कि क्षेत्र की भूमि पर लेखपालों द्वारा अभिलेखों में आज भी जींस भरी जा रही है, जबकि वास्तविकता में उस भूमि पर अवैध कॉलोनियां हैं। इस तरह भूमाफियाओं ने यूपीएसआईडीसी, उत्तर प्रदेश आवास विकास परिषद व जीडीए की अधिग्रिहित भूमि पर अवैध दुनिया बसा दी है।

ये भूमाफिया आम जनता को ठगने के साथ-साथ प्रदेश सरकार को भी राजस्व के रूप में भारी चूना लगा रहे हैं। डीलर प्लॉट की रजिस्ट्री न कराकर पॉवर ऑफ अटॉर्नी के जरिए जमीन बेच देते हैं। इस कारण प्रदेश सरकार को हर माह करोड़ों रुपए की हानि हो रही है। बार-बार शिकायत करने के बाद भी राजस्व विभाग ने इस ओर से आंखें मूंद रखी है।

गौरतलब है कि कई बार जमीनी विवाद को लेकर क्षेत्र में गैंगवार भी हुई है जिसमें दर्जनों लोगों की जान जा चुकी हैं। क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि तक इस मुद्दे को विधानसभा में कई बार उठा चुके हैं, लेकिन आज तक कोई ठोस कार्रवाई ना होने से अवैध कॉलोनियां बसाने का काम आज भी बदस्तूर जारी है।

इस संबंध में उप जिला अधिकारी अमित कुमार पाल ने बताया कि अभी अवैध कॉलोनियों को चिन्हित किया जा रहा है। जल्द ही ऐसी कॉलोनियों के विरुद्ध ठोस कार्रवाई होगी। यह सब पूर्व में बसाई गई है, वर्तमान में कोई भी अवैध कॉलोनी नहीं बसाई जा रही है।