breaking news New

ऑपरेशन पुलिस का, चक्रव्यूह में फंसी आम जनता

विशाल कसौधन

गाजियाबाद। दिल्ली के मंगलम में रहने वाली सुनीता काफी देर से नोएडा-62 चौराहे पर ऑटो का इंतजार कर रही थीं। घड़ी के बढ़ते कांटों के साथ उनके सब्र का बांध टूट रहा था। अचानक एक ऑटो आया और उसने मंगलम तक जाने के 50 रुपए मांगे। पहले झिक-झिक के बाद फिर मजबूरी में सुनीता को 20 रुपए की जगह 50 रुपए में जाना पड़ा। अकेले सुनीता नहीं नोएडा -62 चौराहे पर खड़ा हर शख्स गुरुवार रात ऑटोवालों की मनमानी से परेशान था। शुक्रवार की सुबह भी उसे इसी जद्दोजहद से गुजरना पड़ा। पुलिस के इस अभियान का खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ा है।

1396 ऑटो-टेंपों पर कार्यवाही

दरअसल, गाजियाबाद पुलिस ने गुरुवार को ऑपरेशन चक्रव्यूह चलाया। इस अभियान के तहत गाजियाबाद रेलवे स्टेशन के पास, एबीईएस कट, लालकुआं, गोविंदपुरम पुलिस चौकी, पुराना बस अड्डा, राजनगर एक्सटेंशन चौराहा, मोहननगर चौराहा, सीमापुरी बॉर्डर, वैशाली मेट्रो स्टेशन के बाहर, लोनी तिराहा, मुरादनगर कस्बा चौकी के सामने, राजचौपला मोदीनगर, लोनी में इंदिरापुरी पुलिस चौकी के पास, ट्रॉनिका सिटी के पुस्ता चौकी के सामने, इंदिरापुरम में काला पत्थर समेत 30 स्थानों पर ऑटो और टेंपो की जांच की और 1059 ऑटो-टेम्पो सीज किए गए, जबकि 337 तिपहिया का चालान किया।

बढ़ा 5 से 6 गुना किराया

पुलिस की इस कार्यवाही का खामियाजा लाखों लोगों को उठाना पड़ा। ऑटो और टेंपो गायब हो गए, जो बचे वह मनमाने रेट पर सवारियों को ढोने लगे। नोएडा-62 चौराहे से पटपड़गंज जाने वाली शेयरिंग ऑटो का किराया 20 रुपए से बढ़ाकर 50 रुपए कर दिया गया। यही हाल 62 से मोहननगर, वसुंधरा जाने वाले और NH-24 से लालकुंआ और एबीईएस जाने वाले टेंपो का था। यात्रियों से 5 से 6 गुना किराया अधिक वसूला जा रहा था। 62 पर शेयरिंग ऑटो का इंतजार कर रहे शिवम ने बताया कि हमारी मजबूरी का फायदा ऑटो वाले उठा रहे हैं। रोजाना कौशांबी तक का किराया 15 रुपए देता हूं, लेकिन आज 40 रुपए देकर जा रहा हूं। वहीं, अपर्णा का कहना है कि मोहननगर के लिए आज ऑटो वाले 15 रुपए की बजाए 60 रुपए मांग रहे हैं। ऑटोवाले के चक्रव्यूह में हम आज हम लोग फंस गए हैं। लोगों को ऑटो के लिए करीब 45 मिनट से घंटे भर इंतजार करना पड़ा।

ओला-उबर ने भी बढ़ाए रेट

ऑटो और टेंपो की मनमानी के कारण लोगों ने ओला और उबर का रुख किया। लेकिन उन्हें भी निराशा ही हाथ लगी। कई बार कैब ही नहीं मिल पा रही थी। वहीं, कैब बुक करने के बाद लोगों को 15 मिनट से 30 मिनट का इंतजार करना पड़ा। ओला-उबर ने भी यात्रियों की मजबूरी का फायदा उठाया और रेट को दोगुना कर दिया। हालांकि, कैब चला रहे वसीम की अलग ही दलील थी। उसका कहना था कि पीक ऑवर में रेट बढ़ जाते हैं। आज अचानक रेट नहीं बढ़ाए गए हैं।

समय-समय पर चलेगा अभियान
अकेले गाजियाबाद में करीब 16 हजार से अधिक ऑटो-टेंपों हैं। इनमें से अधिकतर के कागजात पूरे नहीं हैं। आए दिन ऑटो वालों की मनमानी से जुड़ी शिकायतें पुलिस को मिल रही थी। बीते दिनों छेड़छाड़ की खबर आई थी। इसके बाद पुलिस ने ऑपरेशन चक्रव्यूह की शुरुआत की। एसएसपी वैभव कृष्ण ने कहा कि ऑटो वालों की शिकायत मिल रही थी। ऑटो वालों के कारण जाम की समस्या से लोगों को जूझना पड़ रहा था। हम लोगों ने अभियान चलाकर ऐसे ऑटो पर नकेल कसने की कोशिश की जो बिना कागजात चल रहे थे। इससे आपराधिक घटनाओं पर भी लगाम लगेगी। समय-समय पर यह अभियान चलाया जाएगा।