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नोएडा के इस गांव में पुलिस नहीं कुश्ती निपटाती है आपसी विवाद

दीपक सिंह

नोएडा: झगड़े को खत्म करने का जरिया ‘झगड़’! सुनकर आपको अटपटा जरूर लग रहा होगा लेकिन यह सच है। दिल्ली से सटे क्षेत्र नोएडा में एक गांव ऐसा भी है जहां आपसी विवाद और झगड़े झंझट को खत्म करने के लिए पुलिस की सहायता नहीं ली जाती बल्कि ‘झगड़ा’ किया जाता है। इस झगड़े का नाम है दंगल यानि कुश्ती।

यह कहानी है नोएडा के गांव सर्फाबाद की। अगर हम आपको सर्फाबाद गांव की कहानी बताए तो आज भी आपको यहां 200-300 पहलवान आपको मिल जाएंगे। या फिर यह कहना भी सही रहेगा कि यहां हर घर में एक पहलवान है। यह गांव यादव बहुल गांव है। सर्फाबाद में पिछले 275 साल से हर घर में एक पहलवान होने का गौरवशाली इतिहास बी रहा है। इस गांव में हर साल अगस्त में दंगल का सीजन शुरू हो जाता है। दंगल में पश्चिमी यूपी और हरियाणा से आए पहलवान हिस्सा लेते हैं और अपने कुश्ती कला का प्रदर्शन करते हैं।

गांव के पहलवानों में से एक नरेश पहलवान के मुताबिक, अगर गांव में किसी का किसी के साथ झगड़ा या विवाद हो जाता है तो इस विवाद की निबटाने के लिए पुलिस की जगह दंगल यानि कुश्ती का सहारा लिया जाता है। इससे न केवल दोनों पक्षों के मामले निपटाने के लिए पुलिस को दिए जाने वाले पैसे बचते है बल्कि गांववालों का मनोरंजन भी होता है।

कुछ ऐसी ही बातें बताई गांव के अन्य बुजुर्गों ने भी। बुजुर्गों का कहना है कि यदि दो लोगों के बीच झगड़ा हो जाता है, तो इसे सुलझाने के लिए पुलिस के पास जाने के बजाय बुजर्गो के साथ बैठ कर और अपने मुद्दों का हल निकलते है और दोनों पक्षों के बीच एक दंगल की घोषड़ा करते है। आपको यह भी बता दें कि बाहुबली बली से राजनेता बने डीपी यादव का मूल निवास भी सर्फाबाद गांव में ही है। फिलहाल डीपी यादव जेल में बंद हैं और वह एक मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे हैं।

कुश्ती के दौरान दो पहलवान (फाइल फोटो)

कहीं युवा दूर न हो जाएं कुश्ती और दंगल से:

नॉएडा में तेज़ी से बढ़ने वाल शहरीकरण के साथ-साथ यह गांव भी दिल्ली एनसीआर के किसी भी शहरी गांव की तरह है। यहां के दिग्गज पहलवानों को यह डर है कि कार्पोरेट नौकरियों का लोभ और उच्च शिक्षा का अवसर कहीं युवाओं को इस खेल से दूर लेकर न चला जाए। हालांकि, यहां के अधिकांश पहलवान मॉल, कॉलेज और कॉरपरेट जैसे सेक्टरों में बाउंसर्स की जॉब करते हैं। कुछ ने अपना जिम खोल रखा है। कुल मिलाकर यहां पहलवानों की भरमार है।