व्हाट्सएप में स्पाइवेयर का खतरा, कंपनी ने कहा- तुरंत अपडेट करें ऐप

नई दिल्ली। लोकप्रिय मोबाइल ऐप व्हाट्सएप ने एक संदिग्ध स्पाइवेयर के हमले के बाद यूजर्स से कहा है कि वे अपने मोबाइल ऐप और ऑपरेटिंग सिस्टम को अपडेट कर लें। रिपोर्ट में कहा गया है कि यूजर्स को केवल एक वाट्सएप कॉल करके उनके फोन के कैमरे और माइक तक को हैक किया जा सकता है। यूजर्स के ईमेल से लेकर मैसेज और लोकेशन डेटा तक पता लगाए जा सकते हैं।

हालांकि, व्हाट्सएप ने इसे गड़बड़ी को ठीक कर लिया है, लेकिन अगर अब तक आपका ऐप अपडेट नहीं है, तो यह आपके लिए खतरनाक साबित हो सकता है। इसीलिए व्हाट्सएप ने अपने सभी यूजर्स से फौरन एप अपडेट करने को कहा है। सिक्योरिटी रिसर्चर्स और व्हाट्सएपकी ओर से भी इसकी पुष्टि की गई है कि यह स्पाइवेयर इसराइल के सीक्रेटिव एनएसओ ग्रुप ने विकसित किया है। किसी को मिस कॉल करने भर से इसे फोन में डाला जा सकता है।

यह एक बग है, जो व्हाट्सएप के ऑडियो कॉल फीचर में आया था। कंपनी का कहना है कि इस गड़बड़ का पता चलते ही, इसे पिछले महीने ठीक कर दिया गया था। यूजर्स को सिर्फ अपना ऐप अपडेट करना है। कंपनी ने कहा है कि हम व्हाट्सएप यूजर्स से ऐप के लेटेस्ट वर्जन को डाउनलोड करने की अपील कर रहे हैं। साथ ही यूजर्स को अपना स्मार्टफोन और उसका ओएस (ऑपरेटिंग सिस्टम) भी अपडेट रखना चाहिए।

ऐसे में जरूरी है कि फोन में मौजूद डेटा की सुरक्षा को लेकर यूजर्स भी जागरूकता दिखाएं। सिटिजन लैब्स के शोधकर्ताओं के मुताबिक वाट्सएप में इस गड़बड़ी का पता मई की शुरुआत में लगाया था, जब ब्रिटेन के एक मानवाधिकार से जुड़े वकील पर एनएसओ के इस प्रोग्राम के अटैक का मामला सामने आया। बताते चलें कि इसराइल का एनएसओ ग्रुप सरकारों के लिए काम करता है और अलग-अलग तरीकों से जानकारी जुटाने के लिए प्रोग्राम बनाता है।

वहीं, एनएसओ ग्रुप ने इन आरोपों को नकारते हुए कहा है कि एनएसओ किसी भी स्थिति में ऐसे यूजर्स को निशाना नहीं बनाता और किसी यूजर या संगठन पर ऐसे अटैक का समर्थन नहीं करता। व्हाट्सएप ने अपने बयान में भी इस ग्रुप के नाम का जिक्र नहीं किया था। कंपनी ने बस यह कहा है कि अटैक एक प्राइवेट कंपनी से जुड़ा हुआ था, जो मोबाइल फोन ऑपरेटिंग सिस्टम्स में सरकार के समर्थन से स्पाइवेयर डालती है।

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