शारदा घोटाला : ममता के करीबी आईपीएस राजीव कुमार के खिलाफ लुकआउट नोटिस

नई दिल्ली। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने आईपीएस अधिकारी राजीव कुमार को देश छोड़ने से रोकने के लिए लुक आउट नोटिस जारी कर दिया है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के करीबी राजीव के खिलाफ रविवार को लुकआउट नोटिस जारी किया है। कोलकाता के पूर्व पुलिस आयुक्त पर आरोप है कि उन्होंने चिटफंड घोटाले की जांच के दौरान सबूतों के साथ छेड़छाड़ की है। बताते चलें कि कोलकाता में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की रैली में हुई हिंसा के बाद उन्हें चुनाव आयोग ने एडीजी सीआईडी के पद से हटा दिया था।

सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट को सूचित किया है कि कुमार ने घोटाले से संबंधित सबूत जो सीडीआर के रूप में थे उनके साथ छेड़छाड़ और उन्हें बर्बाद किया है। इस नोटिस के जारी होने के बाद राजीव कुमार अब देश छोड़कर नहीं जा सकते हैं। नोटिस 23 मई को जारी किया गया और यह एक साल तक प्रभावी रहेगा। इस बीच उन्हें मिली गिरफ्तारी से रोक की अवधि शुक्रवार को खत्म हो गई है।

उन्होंने गिरफ्तारी से रोक की अवधि बढ़ाने के लिए उच्चतम न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था, लेकिन उन्हें राहत नहीं मिली। सीबीआई इसी मामले में कुमार से पूछताछ करने के लिए उन्हें गिरफ्तार करना चाहती है। अदालत ने उन्हें कोलकाता उच्च न्यायालय जाने के लिए कहा है। गिरफ्तारी पर लगी रोक हटने के बाद अब उन्हें कभी भी सीबीआई द्वारा गिरफ्तार किया जा सकता है।

राजीव कुमार के उत्तर प्रदेश में स्थित पैतृक घर पर पुलिस की तैनाती कर दी गई है। सुरक्षा एजेंसियां उनकी तलाश में लग गई हैं। पश्चिम बंगाल में इस समय वकीलों की हड़ताल है, जिसके कारण कुमार चाहकर भी उच्च न्यायालय का रुख नहीं कर पा रहे हैं।

मालूम हो कि गत फरवरी में उच्चतम न्यायालय ने राजीव कुमार को गिरफ्तारी से अंतरिम राहत प्रदान की थी। लेकिन 17 मई को फरवरी में दिए अपने आदेश को वापस ले लिया था। हालांकि कोर्ट ने कुमार को सात दिनों की राहत देते हुए उचित फोरम का दरवाजा खटखटाने के लिए कहा था।

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