स्टिंग का डर दिखा महेश शर्मा से मांग रहे थे 2 करोड़!

नोएडा. गिरफ्तार की गई युवती की पहचान निशु के रूप में हुई है। वह नोटबंदी के दौरान बंद हो चुके यूट्यूब चैनल प्रतिनिधि की रिपोर्टर रही है।

डॉ महेश शर्मा से ब्लैकमेलिंग कर रंगदारी मांगने की सूचना मिलते ही सोमवार दोपहर सनसनी फैल गई। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए एसएसपी वैभव कृष्ण ने वायरलेस करने के बजाय मोबाइल फोन पर एसपी सिटी सुधा सिंह को कॉल कर महिला पुलिसकर्मियों और एसएचओ 20 के साथ तुरंत कैलाश अस्पताल पहुंचने को कहा। कुछ देर बाद वह भी टीम के साथ अस्पताल आ गए।

एसएसपी के मुताबिक उनके पास दोपहर डेढ़ बजे केंद्रीय मंत्री का फोन आया। बताया गया कि कोई व्यक्ति उन्हें ब्लैकमेल कर 2 करोड़ रुपये मांग कर रहा है। इसके बाद तुरंत मौके पर टीम रवाना की गई। जांच में वहां मौजूद युवती के पास एक टैबलेट मिला, जिसमें 20 मिनट का विडियो अपलोड था। इसमें चुनाव प्रचार के लिए वाहनों के इंतजाम करने के साथ वोट दिलाने की बात कही गई जिसे लेकर एक बार केंद्रीय मंत्री ने कोडवर्ड में बात करने का जिक्र किया है। आशंका है कि इसी कोडवर्ड की बात को लेकर आरोपित ब्लैकमेल करने की फिराक में थे। एसएसपी ने स्पष्ट किया कि विडियो में किसी भी तरह का कोई आपत्तिजनक मामला नहीं मिला है।

गिरफ्तार की गई युवती की पहचान निशु के रूप में हुई है। वह नोटबंदी के दौरान बंद हो चुके यूट्यूब चैनल प्रतिनिधि की रिपोर्टर रही है। इस चैनल का संचालक आलोक कुमार था। उसने ही पत्र देकर युवती को भेजा था। इससे पहले भी इन लोगों ने कई बड़े लोगों की विडियो बनाकर ब्लैकमेलिंग की है। एसएसपी ने दावा किया कि यह 5- 6 लोगों का संगठित गिरोह है, जो ब्लैकमेलिंग के धंधे में लगा है। निशु और आलोक की केंद्रीय मंत्री से मीटिंग कराने और ब्लैकमेलिंग करने के मामले में नोएडा की जानी-मानी समाजसेविका और एक पूर्व डीएसपी की भूमिका की भी जांच की जा रही है। फरार आलोक कुमार और उसके साथियों की तलाश की जा रही है।

केंद्रीय मंत्री को भेजा गया दो पेज का लेटर प्रिंटेड था। इस पत्र में शुरू में कई बार दोस्ती व दुश्मनी की बात कही गई जिसमें यह कहा गया है कि आपसे दुश्मनी करने से कोई फायदा तो नहीं है लेकिन आपने दोस्ती कर ली तो हम दोनों के लिए अच्छा रहेगा। पत्र में यह भी कहा गया कि यदि मई में एक नई कंपनी के लिए आप 40 फीसदी शेयर लगाकर 7-8 करोड़ रुपये की मदद करेंगे तो अच्छा रहेगा। आखिर में आरोपित ने यह भी लिखा है कि इसे आप ब्लैकमेल नहीं समझे बल्कि इसे आपसी सहभागिता के लिए जरूरी शर्त है।

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