अपाचे हेलीकॉप्टर से बढ़ी भारतीय वायुसेना की ताकत, जानिए क्या है इसकी खासियत

Indian Air Force got first Apache Guardian Attack Helicopter, know its specilities

नई दिल्ली। भारत को अमेरिका के साथ की गई डील के तहत इसका पहला अपाचे गार्डियन अटैक हेलिकॉप्टर मिल गया है। अमेरिका ने भारतीय वायुसेना दल को इसका पहल हेलीकॉप्टर एरिजोना की प्रोडक्शन फैसिलिटी में सौंपा है। भारत को अमेरिकी कंपनी बोइंग से कुल 22 अपाचे हेलीकॉप्टर मिलने वाले हैं। ये हेलिकॉप्टर अमेरिका के अलावा फिलहाल ब्रिटेन, इसराइल, नीदरलैंड्स, सऊदी अरब और मिस्र के पास हैं।

भारत सरकार ने वायु सेना की जरूरतों को देखते हुए AH-64E अपाचे अटैक हेलीकॉप्टर और CH-47F(I) चिनूक परिवहन हेलीकाप्टरों की क्रमशः 22 और 15 खरीद के लिए बोइंग कंपनी के साथ सितंबर 2015 में करार किया था। इसके अलावा उसने भारतीय थल सेना के लिए भी छह अपाचे हेलीकाप्टरों की खरीद का ऑर्डर कंपनी को 2017 में दिया।

अपाचे की खासियतें

हेलिकॉप्टर के अगले हिस्से में नाइट विजन सेंसर लगे हैं, जिससे यह रात में भी मार कर सकता है। 280 किलोमीटर प्रति घंटा की अधिकतम रफ्तार से उड़ने वाले अपाचे को रडार से पकड़ना बेहद मुश्किल है। इसके साथ ही हेलिकॉप्टर में T700-GE-701D इंजन लगा है, जो ड्रोन को कंट्रोल करने के साथ ही बेहतर लैंडिंग कर सकेगा।

बेहद कम ऊंचाई पर उड़कर हवाई हमले के साथ ही जमीनी हमले करने में भी सक्षम है। इससे 16 एंटी टैंक मिसाइलें दागी जा सकती हैं। हेलीकॉप्टर के नीचे लगी राइफल में एक बार में 30 एमएम की 1,200 गोलियां भरी जा सकती हैं। अपाचे में एजीएम-114 हेलीफायर मिसाइल और हाइड्रा 70 रॉकेट पॉड्स भी लगे हैं। इसमें उन्नत लांगबो रडार भी लगा है जिससे नौसेना के हमले में इजाफा हो सकेगा।

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